वर्तमान में दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं बढ़ गई हैं। चिंता की बात यह है कि यह समस्या किसी भी उम्र के लोगों में देखी जा रही है। इसलिए चिंता व्यक्त की जा रही है। गलत जीवनशैली, बढ़ता तनाव, समय पर न खाना, गलत आहार, फास्टफूड की ओर बढ़ता रुझान, भागदौड़ और थकान के कारण दिल के दौरे की घटनाएं बढ़ रही हैं।
इसके बारे में डॉक्टर हमेशा सावधान रहने की सलाह देते रहते हैं। लेकिन बाथरूम में गलत तरीके से नहाने के कारण भी दिल के दौरे की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे और भी चिंता व्यक्त की जा रही है। बाथरूम में ही सबसे ज्यादा हार्ट अटैक आने के कारण भी चिंता बढ़ी है। शोध से कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
दिल का दौरा क्यों पड़ता है?
हार्ट अटैक का मतलब है दिल का काम करना बंद कर देना। इस स्थिति में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को ऑक्सीजन युक्त रक्त प्राप्त नहीं हो पाता। ऑक्सीजन युक्त रक्त न मिलना जीवन के लिए खतरे की बात हो सकती है। कुछ लोग दिल के दौरे को हार्ट अटैक, दिल का दौरा और हार्ट फेलियर जैसे शब्दों का एक जैसा उपयोग करते हैं। ये शब्द एक ही चीज़ को दर्शाते हैं लेकिन उनके प्रकार अलग-अलग होते हैं, हालांकि उनका आपस में संबंध होता है।
गलत स्नान से दिल का दौरा
सामान्य तौर पर ठंडे पानी से स्नान करने से दिल के दौरे का खतरा बढ़ता है। खासकर, जब हथेलियों और पैरों पर ठंडा पानी लगता है और फिर तुरंत सिर पर ठंडा पानी डाला जाता है, तो रक्तदाब अचानक बढ़ जाता है। इसके कारण रक्त संचार में रुकावट आती है और दिल के दौरे का खतरा बढ़ता है।
स्नान करने की सही विधि
नहाते समय ठंडा पानी थोड़ा-थोड़ा करके शरीर पर डाला जाए।
सबसे पहले पैरों पर पानी डालकर नहाने की शुरुआत करें। इससे शरीर को पानी के तापमान का अहसास होगा और शरीर शॉक में नहीं आएगा।
पैरों के बाद धीरे-धीरे शरीर के ऊपरी हिस्से पर पानी डालें। अंत में सिर पर पानी डालें।
ये ख़बर सामन्य जानकारी पर आधारित है इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श
अवश्य लें।












